बांग्लादेश के नेता प्रतिपक्ष सफिकुर और जमात- ए इस्लामी नेता ने तीस्ता प्रोजेक्ट पर बाहरी दखाल अंदाजो को स्वीकार नही करेगा | यह बांग्लादेश का आन्तरिक मुद्दा है |
बांग्लादेश में बहने वाली यह नदी जो भारत से निकलती है, इस पर यह प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है | बांग्लादेश की इस परियोजना पर चीन की नजर है | चीन ने इस परियोजना में अपनी दिलचस्पी दिखाई है | पडोसी मुल्क के संसद में विपक्ष के नेता ने कहा है की वह इस प्रोजेक्ट को पूरा करना चाहते है | और जो भी कोई इसे दुखी हो रहा है वह उन्हें आम खिलाकर खुश कर देंगे |
बुधवार को रहमान ने कहा की भरता हमरा पडोसी देश है और उसे इस प्रोजेक्ट का सम्मान करना चाहिए | उन्होंने कहा की बांग्लादेश हमेशा सबका सम्मान करता है और सभी से सम्मान की उम्मीद भी करता है |
चीन को आया दिलचस्पी
कुछ ही समय पहले बाग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बीजिंग की यात्रा के बाद चीन के मंत्री ली गुओयिंग से तीस्ता नदी के बारे में बात की थी | मिडिया सूत्रों के अनुसार , 26 जून को महदी अमिन जो की बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता है , उन्होंने बताया की बांग्लादेश और चीन में बहने वाली नदियों के प्रबंधन में सहयोग को मजबूत करने की बात हुई | इस वार्ता में दोनों पक्ष सहमत है इस सहमती में तीस्ता नदी भी सामिल है | सूत्रों के अनुसार यह जानकारी है की चीन इस प्रोजेक्ट के लिए योजना से लेकर कार्यान्वयन तक हर प्रकार की तकनीकी सहायता प्रदान करने में रूचि दिखाई है |
क्या भारत पर भी होगा इसका असर ?
सूत्रों के अनुसार ऐसा मन जा रहा है की दिल्ली पर भी इसक असर होगा | और इन दोनों देशो के भी बने सम्बन्ध प्रभावित सकते है | तीस्ता नदी सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश तक जाती है |

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